तपस्वी • दार्शनिक • वैदिक मार्गदर्शक

स्वामी सहजानंद नाथ जी महाराज

आध्यात्मिक नाम: स्वामी सहजानंद सरस्वती • संस्थापक: सिद्ध महामृत्युंजय शक्तिपीठम, मयाड़ (हिसार)

52 फीट महामृत्युंजय यंत्र प्रणेता मिशन ग्रीन फाउंडेशन मुख्य संपादक: सनद रहे लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्डी
Swami Sehajanand Saraswati Ji
तप एवं लोक-कल्याण सनातन धर्म के ध्वजवाहक

स्वामी सहजानंद नाथ जी
(स्वामी सहजानंद सरस्वती)

परम पूज्य स्वामी सहजानंद नाथ जी महाराज (सांसारिक नाम: सुनील कुमार सूरी) एक सिद्ध योग साधक, दार्शनिक, पत्रकार तथा सनातन संस्कृति के अग्रदूत हैं जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वैदिक मंत्र विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण एवं निर्धन-असहाय वर्ग के कल्याण हेतु समर्पित कर दिया है।

मूल नाम (Birth Name)
सुनील कुमार सूरी (Sunil Kumar Suri)
आध्यात्मिक नाम (Spiritual Name)
स्वामी सहजानंद सरस्वती (सहजानंद नाथ)
जन्म तिथि (Date of Birth)
9 जुलाई 1974 (09 July 1974)
जन्म स्थान (Place of Birth)
हिसार, हरियाणा (Hisar, Haryana)
पिता का नाम (Father's Name)
स्वर्गीय श्री हरिश्चंद्र सूरी
माता का नाम (Mother's Name)
स्वर्गीय श्रीमती कमलेश सूरी
गुरु एवं दीक्षा (Initiation & Guru)
इटारसी के 'बम बम बाबा' (अग्नि अखाड़ा) द्वारा आध्यात्मिक दीक्षा

तपस्या से तीर्थ तक की पावन यात्रा

19 वर्ष की आयु में सांसारिक जीवन का परित्याग कर सतपुड़ा व कैलाश के जंगलों में गहन साधना से लेकर विश्व के विशालतम महामृत्युंजय यंत्र की स्थापना तक के प्रमुख पड़ाव।

प्रारंभिक साधना

संन्यास व गहन तपस्या

स्वामी जी ने मात्र 19 वर्ष की अल्पायु में गृहत्याग किया और आत्म-साक्षात्कार की खोज में सतपुड़ा के सघन वनों एवं कैलाश मानसरोवर की दुर्गम गुफाओं व वनों में वर्षों तक निराहार व कठोर तपस्या की।

वर्ष 2000

महामृत्युंजय शक्तिपीठम स्थापना

वर्ष 2000 में हरियाणा के मयाड़ (हिसार) में 'सिद्ध महामृत्युंजय ज्योतिष एवं अनुष्ठान केंद्र' (महामृत्युंजय शक्ति पीठम) की नींव रखी, जो आज संपूर्ण विश्व में वैदिक शांति, मंत्र-साधना व कष्ट निवारण का मुख्य केंद्र है।

ऐतिहासिक उपलब्धि • 52 × 52 × 52 फीट

विश्व का सबसे बड़ा महामृत्युंजय यंत्र (प्रयागराज महाकुंभ एवं मयाड़ आश्रम)

महाकुंभ 2025 (प्रयागराज)

महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर प्रयागराज की पवित्र त्रिवेणी संगम भूमि पर 52 × 52 × 52 फीट का भव्य महामृत्युंजय यंत्र अस्थायी रूप से स्थापित किया गया, जहाँ लाखों श्रद्धालुओं व संतों ने दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त की।

मयाड़ आश्रम (हिसार) में स्थायी स्थापना

हरियाणा के हिसार स्थित मयाड़ आश्रम में 52 × 52 फीट का विशाल सिद्ध महामृत्युंजय यंत्र स्थायी रूप से स्थापित किया गया है, जो विश्व भर के श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय ऊर्जा-केंद्र एवं महातीर्थ बन चुका है।

पवित्र स्तुति

महामृत्युंजय चालीसा एवं आरती की रचना

पूज्य स्वामी जी ने महामृत्युंजय चालीसा व आरती की रचना की। यह पावन स्तुति अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है और इसका प्रयोग भारत के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में पूजा-अर्चना एवं आरती हेतु नित्य श्रद्धापूर्वक किया जाता है।

शोध एवं साधना

अंतर्राष्ट्रीय योग एवं ज्योतिष केंद्र

मयाड़ शक्तिपीठ परिसर में 'महामृत्युंजय अंतर्राष्ट्रीय योग एवं ज्योतिष अनुसंधान केंद्र' की नींव रखी, जहाँ प्राचीन वैदिक परंपराओं, ध्यान पद्धतियों एवं स्वास्थ्य विज्ञान पर उच्चस्तरीय शोध व प्रशिक्षण संचालित होते हैं।

प्रकृति संरक्षण एवं मानवता की निःस्वार्थ सेवा

स्वामी जी का संकल्प केवल आध्यात्मिक चेतना तक सीमित नहीं, अपितु पर्यावरण संरक्षण व समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान तक फैला हुआ है।

मिशन ग्रीन (Mission Green Foundation)

पॉलिथीन के उपयोग को समाप्त करने, कपड़े के थैलों के निःशुल्क वितरण, सघन पौधारोपण तथा घर-घर गमले वितरित करने का ऐतिहासिक अभियान चलाया।

हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि में विस्तृत अभियान

समाज सेवा एवं पुनर्वास

  • निर्धन एवं जरूरतमंद कन्याओं के विवाह का संपूर्ण प्रबंध
  • दिव्यांगजनों का पुनर्वास एवं स्वरोजगार हेतु सहायता
  • महिला सशक्तिकरण एवं निर्धन परिवारों को आर्थिक संबल

जनकल्याण हेतु महायज्ञ

पर्यावरण शुद्धि, जन-स्वास्थ्य (विभिन्न महामारी, बीमारियों व आपदाओं से बचाव) तथा विश्व शांति हेतु हजारों महायज्ञों, गायत्री आहुतियों एवं वैदिक महामृत्युंजय सम्मेलनों का सफल संयोजन व संचालन किया।

वैचारिक नेतृत्व एवं राष्ट्रीय मीडिया में उपस्थिति

स्वामी जी न केवल आध्यात्मिक तपस्वी हैं बल्कि एक सिद्ध लेखक, राष्ट्रीय संपादक तथा प्रबुद्ध मीडिया मार्गदर्शक भी हैं।

मुख्य संपादक (Chief Editor)

राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिका "सनद रहे" (Sanad Rahey) के मुख्य संपादक के रूप में सामाजिक व आध्यात्मिक चिंतन का मार्गदर्शन।

प्रमुख स्तंभकार व संपादक

पंजाब केसरी, हिंदुस्तान टाइम्स, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका आदि प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों के लिए नियमित लेखन व संपादन कार्य।

टीवी व मीडिया वक्तव्य

विभिन्न राष्ट्रीय समाचार चैनलों (India TV, IBN7, P7 News आदि) पर आध्यात्मिक, वैदिक एवं समसामयिक सामाजिक विषयों के मुख्य वक्ता।

कॉर्पोरेट निदेशक (Director)

सनातन सुर प्राइवेट लिमिटेड (Sanatan Sur Private Limited) के निदेशक के रूप में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदा के संरक्षण हेतु नेतृत्व।

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित व्यक्तित्व

स्वामी जी के पर्यावरण, ज्योतिष, आध्यात्मिक अनुसंधान एवं जनकल्याणकारी कार्यों को राज्य सरकारों, राष्ट्रीय संस्थाओं एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों द्वारा सम्मानित किया गया है।

2026

Lifetime Achievement Award

नेशनल एस्ट्रोलॉजी कॉन्फ्रेंस, लखनऊ (National Astrology Conference, Lucknow)

2018

हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मान

पर्यावरण संरक्षण, मिशन ग्रीन एवं विशिष्ट सामाजिक कार्यों हेतु राज्य स्तरीय सम्मान।

2013

ब्रह्मर्षि अवार्ड (Brahmarshi Award)

ओडिशा सरकार के वैदिक ज्योतिष वैज्ञानिक संस्थान द्वारा प्रदत्त।

Gurukul

कामाख्या रत्न पुरस्कार

प्रतिष्ठित कामाख्या गुरुकुल द्वारा तंत्र-मंत्र एवं वैदिक अनुसंधान हेतु।

2013 • Mauritius

अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष मास्टर एवं सर्वोच्च ज्योतिषी सम्मान

अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन (मॉरीशस) द्वारा विश्वस्तरीय सम्मान।

2009

ज्योतिष श्री सम्मान

भृगु ज्योतिष संस्थान, जालंधर द्वारा वैदिक ज्योतिष में योगदान हेतु।

2007 • Kolkata

अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्टता एवं विश्व ज्योतिष मास्टर

विश्व ज्योतिष परिषद, कोलकाता द्वारा सर्वोच्च उपाधि।

Gold Medal

33वीं राष्ट्रीय ज्योतिष संगोष्ठी: स्वर्ण पदक

वैदिक मंत्र विज्ञान एवं ग्रह दोष निवारण शोध हेतु स्वर्ण पदक से सम्मानित।

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