🔱 17 अगस्त 2026 • नाग पंचमी विशेष महाअनुष्ठान
🌿 17 अगस्त 2026 • नाग पंचमी 🌿

5 करोड़ बेलपत्रों से होगा महामृत्युंजय यंत्र का महाअनुष्ठान

37 वर्षों की घोर तपस्या और साधना के बाद तैयार महामृत्युंजय यंत्र पर नाग पंचमी के पावन दिन होने जा रहा है भव्य बेलपत्र अर्पण महाअनुष्ठान।

  • अपने नाम से संकल्प
  • अपने गोत्र से संकल्प
  • 501 से 1,51,000 बेलपत्र
37 वर्षों की साधना
5 करोड़ बेलपत्र अर्पण
17 अगस्त नाग पंचमी 2026
मयड़ हिसार, हरियाणा
पावन आशीर्वाद

गुरु कृपा एवं मार्गदर्शन

स्वामी सहजानंद जी

स्वामी सहजानंद जी

आध्यात्मिक गुरु, योग साधक, शिव भक्त

आस्ट्रो पारदुमन जी

एस्ट्रो प्रदुमन जी

ज्योतिष एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक

प्रयागराज महाकुंभ से मयड़ तक

क्या आप जानते हैं?

आयोजकों के अनुसार, 37 वर्षों की घोर तपस्या और साधना के बाद तैयार हुआ यह महामृत्युंजय यंत्र प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अस्थायी रूप से स्थापित किया गया था, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसके दर्शन किए। अब यह यंत्र हिसार के मयड़ गांव में स्थायी रूप से स्थापित है।

"37 वर्षों की साधना से सिद्ध महामृत्युंजय यंत्र — अब मयड़, हिसार में।"
01

37 वर्षों की साधना

02

प्रयागराज महाकुंभ में अस्थायी स्थापना

03

श्रद्धालुओं के दर्शन

04

मय्यड़, हिसार में स्थायी स्थापना

5 करोड़ बेलपत्रों का भव्य अर्पण

17 अगस्त 2026 को महामृत्युंजय यंत्र पर 5 करोड़ बेलपत्र अर्पित करने का महाअनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है।


आप भी अपने नाम और गोत्र से संकल्प लेकर इस पावन अनुष्ठान में सहभागी बन सकते हैं।

17 अगस्त 2026 नाग पंचमी
🔱 अपना संकल्प दर्ज करें

अपनी श्रद्धा के अनुसार बेलपत्र संकल्प चुनें

501 बेलपत्र संकल्प लें
1,008 बेलपत्र संकल्प लें
5,100 बेलपत्र संकल्प लें
11,000 बेलपत्र संकल्प लें
51,000 बेलपत्र संकल्प लें
100,000 बेलपत्र संकल्प लें
151,000 बेलपत्र संकल्प लें

🕉️ Spiritual Benefits

शिव कृपा

माना जाता है कि बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मन की शांति

श्रद्धा से बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा मानसिक शांति और सकारात्मक भाव से जुड़ी है।

नकारात्मकता से मुक्ति

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा और अशुभ प्रभावों को दूर करने में सहायता मिलती है।

दोषों की शांति

कई शिव-उपासना परंपराओं में बेलपत्र को ग्रह एवं जीवन से जुड़े कष्टों की शांति के लिए अर्पित किया जाता है।

🍃 बेलपत्र की तीन पत्तियों का महत्व

बेलपत्र की तीन पत्तियों को परंपरागत रूप से त्रिदेव — ब्रह्मा, विष्णु और महेश, तथा शिव के विभिन्न स्वरूपों से जोड़ा जाता है। इसलिए त्रिदल बेलपत्र शिव पूजा में विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्।
त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम्॥
महाअनुष्ठान में शेष समय

नाग पंचमी 2026 की उलटी गिनती

-- दिन
-- घंटे
-- मिनट
-- सेकंड

अपने नाम और गोत्र से संकल्प दर्ज करें

इस पावन महाअनुष्ठान में सहभागी बनने के लिए नीचे अपना विवरण दर्ज करें।

कृपया अपना नाम दर्ज करें।
कृपया लिंग चुनें।
कृपया पिता/पति का नाम दर्ज करें।
कृपया अपना गोत्र दर्ज करें।
कृपया 10 अंकों का सही मोबाइल नंबर दर्ज करें।
कृपया बेलपत्र संकल्प चुनें।
कृपया सहमति दें।
स्थान

महामृत्युंजय यंत्र

मयड़ गांव, हिसार, हरियाणा

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 अगस्त 2026, नाग पंचमी के पावन अवसर पर।

मयड़ गांव, हिसार, हरियाणा।

नाम, गोत्र और मोबाइल नंबर देकर संकल्प फॉर्म भरें।

501, 1008, 2100, 5100, 11000, 51000, 1,00,000 या 1,51,000 बेलपत्र।

आयोजन की टीम आवश्यकता अनुसार दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकती है।

इस नाग पंचमी पर बनें इस महाअनुष्ठान का हिस्सा

अपने नाम और गोत्र से संकल्प लेकर महामृत्युंजय यंत्र पर बेलपत्र अर्पण महाअनुष्ठान में सहभागी बनें।

🙏 अपना संकल्प दर्ज करें
हर हर महादेव! 🔱

गोपनीयता नीति

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